[ student life कौन उठाएगा कदम ]
सबसे बड़ा रिक्स मिडिल क्लास के फैमिली के बच्चों को रहता है इस मिडिल फैमिली में दो प्रकार के लोग आते हैं कुछ पेरेंट्स एजुकेटेड होते हैं वही वह अपने बच्चों को गाइड करते हैं जबकि कुछ पेरेंट्स ऐसे होते हैं जो गाइड नहीं कर सकते इस समय और परिस्थितियों में बच्चों को खुद डिसीजन लेना पड़ता है
देश में बेरोजगारी के हालात क्यों हैं
हमारा देश आज टेक्नोलॉजी और अनेक विषयों में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है फिर भी हमारे देश में बेरोजगारी की संख्या इतनी ज्यादा क्यों है
देखा जाए तो हमारा एजुकेशन सिस्टम सबसे बड़ा जिम्मेदार है क्योंकि दुनिया के विकसित देशों में यदि स्टूडेंट अपनी लाइफ में इंजीनियर बनना चाहते हैं तो उसे ६वी क्लास से इंजीनियरिंग पढ़ाई जाती है यही हमारे देश में ट्वेल्थ के बाद डिसाइड होता है कि इंजीनियर बनना है या डॉक्टर यदि उन बच्चों के साथ हम लोग को दौड़ाया जाए तो इसका मतलब है कि घोड़ों के साथ गधों को दौड़ाया गया ट्वेल्थ के बाद उनके हाथों में हुनर हो जाता है
जॉब कर सकते हैं और सेल़फ डिपेंड भी बन सकते हैं जबकि हम लोग को सिर्फ केवल १२वी तक रट कर पास होना सिखाया जाता हैं
स्कूल वाले बोलते हैं हमारे रट्टू तोता रेडी है ले जाओ बिजनेस के लिए खूब फॉर्म भर आओ और पैसा कमाओ पेपर लो 2020 में रिजल्ट दो 2025 मे
घर वालेे सोचते अपना बेटा तो अंबानी बनेगा पूरी जिंदगी की कमाई को लगाकर एडमिशन दिला देते है और किसी तरीके से हम सभी रोते रोते किसी दो चार सालो मे कोर्स कंप्लीट करते हैं जब स्कूल में एडमिशन लेते तो कैंपस वालों ने बोले थे कि हमारे कैंपस में आरारी फररी जैसे बड़ी-बड़ी कंपनियां आती हैं लेकिन लास्ट ईयर में जाकर पता चला यहां पर तो टैक्सी कंपनी भी नहीं आती है ३ का सिलेक्शन हुआ बाकी 97 बच्चों का रिटर्निंग लेटर मिला और फिर वह 10000 की जॉब के लिए अप्लाई करने गए वहां पर भी उनसे एक्सपीरियंस मांगा गया स्कूल से तो कोलीफाई थे लेकिन उनके पास कोई एक्सपीरियंस ना होने की वजह से 10,000 तभी डाउन पेमेंट पर उनको रखा जा रहा था उसमें से भी कुछ बच्चों ने वह जॉब हासिल की और उसमें से भी 50 फिर भी बच्चे वापस रिटर्न आए और वह हमारे देश के बेरोजगार कहलाए इसलिए आप लोगों से विनती है
यदि आप 3 से 25% बच्चों की लिस्ट में आते हैं तभी अपने पेरेंट्स की पूरी कमाई को दांव पर लगाइए वरना यह लोग आज के समय में स्कूल और केंपस स्टूडेंट्स को बिजनेस बना रहे हैं
जिंदगी को सेटल किया जा सकता है इस पर अगला बालाग और लेख लिखा जाएगा सरकारी नौकरियों के प्रति लोगों की मानसिकता